Kalyan matka, Panel Chart और Final क्या है

आज के ज़माने में कोई ऐसा नहीं होगा जिसे सट्टे के बारे में न पता हो, बस फर्क सिर्फ इतना की पुराने ज़माने में सत्ता बन नहीं था,तो सभी लोग इसका नाम और इसे खुल कर खेलते थे | आज सट्टा पूरी तरह से बैन है,तो लोगबाग इसे छुपकर और ऑनलाइन खेलते है | आज के ज़माने में सट्टे को बैटिंग के नाम से ज्यादा लोग जानते है | Kalyan matka सट्टा मार्केट का सबसे पुराना मटका खेल है, आइए जानते है Kalyan matka क्या है और इसे किसने शुरू किया था और कब?

कल्याण जी भगत कौन थे?

कल्याण भगत का जन्म गुजरात के कच्छ नामक कस्बे में हुआ था | उनके पिता किसान थे, उन्होंने कल्याण भगत को घर में प्यार से शीर्षक कह कर बुलाते थे, उनके पिता ने शीर्षक नाम इसीलिए रखा था क्योंकि कच्छ के राजा अपने परिवार के बेटे को शीर्षक ही कहकर बुलाते थे | कल्याण भगत का जन्म माध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था,इसीलिए पहले उन्होंने अपने पिता के साथ काम करवाया,उसके काफी समय बाद जब वो थोड़े बड़े हुए तो वो 1941 मे वो मुंबई चले गए | वहाँ पर जाकर उन्होंने तम्बाकू उत्पादों के विक्रेता के यहाँ काम करना शुरू कर दिया | उसके कुछ सालो बाद कल्याण भगत ने मुंबई के वर्ली एरिया में एक दुकान खरीद लेते है | और दैनिक जरूरतों का सामान बचना शुरू कर देते है, भगत दिमाग के बहुत तेज़ थे,एक दिन उनके मन में जुए का विचार आया, काफी सोच समझकर एक खेल शुरू किया, जिसमे वो एक मटका लेते है, और उसमे कई सारी पर्ची डाल देते है,फिर उसमे से एक पर्ची निकलते है,जिसकी पर्ची निकलती है, वो उस दिन के खेल का विजेता होता है| 1960 में कल्याण भगत ने विनोद महल नाम से मटके के खेल की शुरुआत की, बाद में उसका नाम कल्याण मटका पड़ जाता है | शुरुआत में मटके का खेल सातो दिन चलता था | धीरे धीरे मटके का खेल प्रसिद्ध होने लगा, लेकिन तब तक मुंबई में मटका खेलने के बैन लग चूका था,तब भगत जी मुंबई छोड़कर गुजरात में शिफ्ट हो गए थे.

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Kalyan matka केसे खेलते है?

सबसे पहला मटका खेल होने के कारण Kalyan matka और अन्य मटके की तुलना में ज्यादा प्रचलित है | अब आप सोच रहे होंगे की इसे खेला कैसे जाता है तो हम आपको बताते है की आप इसे कैसे खेल सकते है |आज के ज़माने में तो आप इसे इंटरनेट के सहारे से ही खेल सकते है,आप जैसे ही गूगल पर Kalyan matka लिखेंगे तो आप देखेंगे की बहुत सारी साइट्स आ जाएंगी | उनमे से किसी एक साइट्स में जाकर अपने पसंद के नंबर और बहुत सारी साइट्स के द्वारा दिए गए नंबर पर पैसा लगाते है, और आपकी किस्मत ने उस दिन आपका साथ दिया तो आप देखेंगे की आपको भगवान ने 1 दिन में आपको कहा से कहा पंहुचा दिया | जैसे आप पैसे को मटके में लगाते है वैसे ही आपको मटके का रिजल्ट देखने के लिए करना पड़ेगा.

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